रामपुरा। रामपुरा निवासी स्वर्गीय शिवनारायण जी चौधरी के सुपुत्र एवं स्वर्गीय मोहनलाल, अशोक कुमार, यशंवत, राजेश , सत्यनारायण के छोटे भाई व धन्नालाल के बड़े भाई एवं महावीर चौधरी (पत्रकार), दीपक, मुकेश के अंकल जी एवं भावना , रानी , यशस्वी के पिताजी गोपाल चौधरी (गोपी) का अकास्मिक निधन हो गया। जिनकी शवयात्रा रामपुरा स्थित निज निवास से निकली गई। इस दौरान गोपाल चौधरी (गोपी) को मुखाग्नि उनकी दोनों बेटियों भावना व रानी द्वारा दी गई। बेटियों ने अपने माता-पिता के अंतिम संस्कार की रस्म निभाई, जिसमें चिता को मुखाग्नि देना शामिल है। यह एक बदलती सामाजिक परंपरा को दर्शाता है, जहाँ अब बेटा न होने पर या बेटों के साथ मिलकर बेटियां भी यह कर्तव्य निभा रही हैं, जो नारी सशक्तिकरण और प्रेम-कर्तव्य का प्रतीक बन गया है, जिससे समाज में एक सकारात्मक संदेश जा रहा है और यह दिखाता है कि बेटियां भी बेटों के समान ही महत्वपूर्ण हैं।
यह घटना पारंपरिक रूढ़िवादिता को तोड़ती है कि अंतिम संस्कार केवल बेटा ही कर सकता है, और दर्शाता है कि बेटियां भी यह जिम्मेदारी निभा सकती हैं। यह "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" के नारे को चरितार्थ करता है और साबित करता है कि बेटियां किसी से कम नहीं हैं। ऐसी घटनाओं के दृश्य बहुत भावुक होते हैं और समाज के लोगों को प्रेरित करते हैं, जो बेटियों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा को सलाम करते हैं। कई विद्वानों और पंडितों का मानना है कि अंतिम संस्कार में मुख्य बात प्रेम, श्रद्धा और सही भावना है, लिंग नहीं, जिससे अब बेटियों द्वारा मुखाग्नि देना स्वीकार्य हो रहा है।
इस दौरान रामपुरा नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। रामपुरा के चौधरी परिवार द्वारा उठवाना आज दिनांक 13/01/2026 को समय प्रातः 1.00 बजे पोरवाल मांगलिक भवन धानमंडी रामपुरा पर रखा गया है।


