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सितंबर में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग तेज, एनएसयूआई ने प्रत्यक्ष प्रणाली पर दिया जोर

05-08-2026




रामपुरा (महावीर चौधरी)। मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनाव को लेकर राजनीतिक और छात्र संगठनों की सक्रियता बढ़ गई है। माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा अकादमिक कैलेंडर 2026-27 के अनुसार सितंबर माह में छात्रसंघ चुनाव कराने के निर्देश के बाद एनएसयूआई ने प्रत्यक्ष प्रणाली (डायरेक्ट इलेक्शन) से चुनाव कराने की मांग तेज कर दी है। इसी विषय को लेकर रामपुरा में एनएसयूआई जिला अध्यक्ष सोमिल सोनी ने प्रेस वार्ता आयोजित कर अपनी बात रखी और पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए।
प्रेस वार्ता में सोमिल सोनी ने कहा कि छात्रसंघ लोकतंत्र की पहली पाठशाला है और प्रत्येक विद्यार्थी को अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई केवल छात्रसंघ चुनाव कराने की नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने की मांग कर रही है, ताकि प्रत्येक छात्र अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए सीधे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव एवं अन्य पदाधिकारियों का चुनाव कर सके।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों का सम्मान करते हुए बिना किसी देरी के छात्रसंघ चुनाव की अधिसूचना जारी की जाए और अकादमिक कैलेंडर के अनुरूप सितंबर माह में चुनाव संपन्न कराए जाएं।
प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों ने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली, सरकार की तैयारियों, सितंबर में चुनाव की संभावनाओं और एनएसयूआई की आगामी रणनीति को लेकर कई सवाल पूछे। जिला अध्यक्ष सोमिल सोनी ने सभी प्रश्नों के उत्तर देते हुए कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा विषय है।
अब सभी की निगाहें राज्य सरकार पर टिकी हैं कि वह उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप छात्रसंघ चुनाव की अधिसूचना कब जारी करती है और चुनाव प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष, किस प्रणाली से कराए जाते हैं।