Breaking news

[email protected] | +91-9406858420

logo
header-add

रामपुरा में निराश्रित मवेशियों का आतंक: महिला गंभीर घायल, जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही 

14-08-2026




सड़क पर घूमते मौत के साए से नगरवासी परेशान, जिम्मेदारी तय करने की उठी मांग
(महावीर चौधरी)
रामपुरा। तहसील मुख्यालय रामपुरा में इन दिनों निराश्रित मवेशियों और गोवंश की बढ़ती संख्या नगरवासियों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। सड़कों और प्रमुख चौराहों पर खुलेआम घूमते मवेशियों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं, जाम और लोगों के घायल होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। हालात इतने चिंताजनक हैं कि अब लोग बच्चों को स्कूल और परिवार के सदस्यों को बाजार भेजने में भी डर महसूस कर रहे हैं।
13 अगस्त की रात मछुआ कॉलोनी में गंभीर हादसा
ताजा मामला 13 अगस्त की रात मछुआ कॉलोनी का बताया जा रहा है। यहां लक्ष्मीबाई पति कालूलाल भोई, उम्र 53 वर्ष, निराश्रित मवेशियों के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर किया गया, जहां से चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए राजस्थान के एक अन्य अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार महिला की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है और वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही हैं।
सड़कों पर मवेशियों का कब्जा, आए दिन हो रहे हादसे
नगर में निराश्रित गोवंश का जमावड़ा आम बात हो गया है। सड़क के बीचों-बीच मवेशियों के बैठने से यातायात प्रभावित होता है। कई बार गोवंश आपस में लड़ते हुए दोपहिया और चारपहिया वाहनों को नुकसान पहुंचाते हैं। अचानक सड़क पर दौड़ने और लड़ने के कारण वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। वहीं राहगीरों और महिलाओं के घायल होने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
नगर परिषद ने बताई अपनी मजबूरी
नगर परिषद का कहना है कि परिषद द्वारा समय-समय पर निराश्रित मवेशियों को पकड़कर जंगल क्षेत्र में छोड़ा जाता है। लेकिन रामपुरा जिले के अंतिम छोर पर स्थित होने के कारण आसपास के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों से लोग रात के अंधेरे का फायदा उठाकर अपने मवेशियों को नगर सीमा में छोड़ जाते हैं। इससे समस्या बार-बार जस की तस बनी रहती है।
नगरवासियों में बढ़ रहा आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि निराश्रित मवेशियों की समस्या अब केवल असुविधा नहीं, बल्कि लोगों की जान के लिए खतरा बन चुकी है। प्रतिदिन सड़कों पर जाम, गोवंश की लड़ाई, वाहनों को नुकसान और लोगों के घायल होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। महिला के साथ हुई गंभीर घटना के बाद नगरवासियों में भय का माहौल है।
सबसे बड़ा सवाल—आखिर कब मिलेगी राहत?
रामपुरा नगरवासियों का सवाल है कि आखिर चौक-चौराहों और मुख्य सड़कों पर खुलेआम घूम रहे इन निराश्रित मवेशियों से स्थायी राहत कब मिलेगी? क्या किसी बड़ी जनहानि के बाद प्रशासन जागेगा या इससे पहले ही कोई ठोस व्यवस्था बनाई जाएगी?
अब जरूरत है कि नगर परिषद, प्रशासन और पशु मालिकों की जिम्मेदारी तय करते हुए निराश्रित मवेशियों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि रामपुरा की सड़कों पर आम नागरिक भय के साए में आवागमन करने को मजबूर न हों।